चाँदनी फैली गगन में, चाह मन में / हरिवंशराय बच्चन ...Harivansh Rai Bachchan समीर स्नेह-रागिनी सुना गया / हरिवंशराय बच्चन --...Harivansh...

Harivansh Rai Bachchan ki Kavitaen / Harivansh Rai Bachchan's Poetry- Kavitaen लोकप्रिय कवि हरिवंश राय बच्चन जी की कविताएं
चाँदनी फैली गगन में, चाह मन में / हरिवंशराय बच्चन ...Harivansh Rai Bachchan समीर स्नेह-रागिनी सुना गया / हरिवंशराय बच्चन --...Harivansh...
चाँदनी फैली गगन में, चाह मन में। दिवस में सबके लिए बस एक जग है रात में हर एक की दुनिया अलग है, कल्पना करने लगी अब राह मन में; चा...
समीर स्नेह-रागिनी सुना गया, तड़ाग में उफान-सा उठा गया, तरंग में तरंग लीन हो गई; झुकी निशा, झँपी दिशा, झुके नयन! बयार सो गई अड...
चाँदनी फैली गगन में, चाह मन में / हरिवंशराय बच्चन ...Harivansh Rai Bachchan समीर स्नेह-रागिनी सुना गया / हरिवंशराय बच्चन --...Harivansh...